कौन होता है विपक्ष का नेता जाने विस्तार से हिंदी में.


जय हिन्द दोस्तों आज हम जानेगे कि विपक्ष का नेता कोन बन सकता है और उसके लिए क्या-क्या प्रोसेस पुरे करने होते है 

भारतीय संसद में विपक्ष का नेता.


प्रत्येक सदन में विपक्ष के सबसे बड़े दल के नेता को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी जाती है. इसमें शर्त ये है कि सदन में उस दल के सदस्यों की संख्या सदन की कुल संख्या के 1/10 वें भाग से कम न हो, अर्थात उस दल की सदस्य सख्या सदन की बैठक के लिए सुनिश्चित की गयी. गणपूर्ति से कम न हो ताकि वह सदन की कार्यवाही को अपने संख्या बल पर चला सके.

जाने केसे बनी ममता बनर्जी की पार्टी पश्चिम बंगाल की मुख्य पार्टी  

आजादी के बाद कब प्रथम बार विपक्ष का नेता चुना गया

आजादी के बाद दिसम्बर, 1969 में पहली बार कांग्रेस (o) के नेता राम सुभम सिंह को लोक सभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता मिली. इस समय कांग्रेस पार्टी का कांग्रेस (R) और कांग्रेस (O) में विभाजन हुआ था. इससे पहले किसी भी आम चुनाव में विपक्षी दल सदन की कुल संख्या का 1/10 वें भाग प्राप्त नहीं कर सका था. ( लोक सभा में 55 सदस्य तथा राज्य सभा में 25 सदस्य है. दूसरी बार लोक सभा में वाई.वी. चोहान को विपक्ष के नेता के तोर पर मान्यता मिली. जब 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनी तथा कांग्रेस अधिकारीक विपक्ष दल के रूप में चुनी गई.

लोकसभा

 
कांग्रेस के कमलापति त्रिपाठी को 1977 में राज्य सभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता मिली. लोक सभा व राज्य सभा में विपक्ष के नेता को कैबिनेट मंत्री के बराबर वेतन, भत्ता एवं अन्य सुविधाएँ दी जाती है.

विपक्ष के नेता के 03 शर्ते

1.     उसे सभा का सदस्य होना चाहिये

2.     सर्वाधिक सदस्यों वाले दल की सरकार के विपक्ष में राज्य सभा का नेता होना चाहिये.

3.     राज्यसभा के सभापति द्वारा उसे मान्यता प्राप्त होनी चाहिये.

 

  दोस्तों अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी तो हमारे ब्लॉग को फॉलो करे और कमेंट में प्रतिक्रिया जरुर दे 

   धन्यवाद........

कौन होता है विपक्ष का नेता जाने विस्तार से हिंदी में. कौन होता है विपक्ष का नेता जाने विस्तार से हिंदी में. Reviewed by Teck Qureshi on मार्च 30, 2021 Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.