मनोज कुमार केसे पास की UPSC परीक्षा 2019 , जाने TOPPER के बारे में.

 Topper का परिचय -

नाम - मनोज कुमार 

पिता का नाम - श्री तारा चन्द्र 

माता का नाम - श्रीमती  राधा देवी
जन्म तिथि - 02/11/1992

शैक्षिक योग्यताएं -  12 वीं - बाल विकास आदर्श उच्च मा. विद्यालय नोहर ( 81.54% ) 

स्नातक : (BA) राजस्थान विश्वविद्यालय - ( 70.31 % ) 

परास्नातक - भूगोल 

एम. फिल. : ( राजस्थान विश्वविद्यालय ) नगरीय आकारिक - 65 % 

आदर्श व्यक्ति : पिता , बाबा साहब अमबेडकर, पेरियार , ई. वी. रामासामी.

व्यक्तित्व के सकारात्मक पक्ष : शून्य अपेक्षा के साथ धैर्य

व्यक्तित्व के नकारात्मक पक्ष : लक्ष्य के प्रति आक्रात्मकता का अभाव.

रुचियाँ : क्रिकेट खेलना , कविता लेखन , मीम रचना.

 

 


 टाॅपर से बातचीत

 प्रश्नन न. 1 :- सिविल सेवा परीक्षा में उच्च रेंक पर चयनित होने पर आपको केसा लग रहा है.

जवाब :- मनोज कुमार - सब इन्तेजार कर रहे थे समंदर के खुश्क होने का 

              चलो अब ये किस्सा ख़त्म हुआ किस्तियाँ डुबोने का.

काफी समय से में इस परिणाम की प्रतीक्षा कर रहा था. और अंतत: सफलता पाकर बहुत खुश हूँ.

प्रश्न न.2:- सिविल सेवा में ऐसा क्या है. कि लाखो युवा इसकी और आकर्षित होते है आपके लिए इस सेवा में जाने का क्या आकर्षण रहा है. 

जवाब:- "सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं , मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिये "

 विश्व विद्यालयी राजनीती में सक्रियता के उपरांत सामाजिक , प्रशासनिक समस्याओ का समाधान बनने का सर्वोच्च विकल्प UPSC-CSE ही है.

प्रश्न न.3:-अक्सर कहा जाता है कि एक - डेढ वर्ष तक कठोर मेहनत के बाद भी इस परीक्षा की तेयारी संतोषजनक तरीके से पूरी नहीं हो पाती है . क्या यह सच है.

जवाब:- जो जंग से पहले परिणाम घोषित कर दे, अक्सर वे लोग  हार जाते है .मैने हमेशा शून्य अपेक्षा से मेहनत की जो भी मिला उसे 'बोनस ' के रूप में स्वीकार किया, और तेयारी कभी पूरी नहीं होती है. हाँ संतोषजनक हो जाये इससे अच्छा कुछ नहीं.

प्रश्न न. 4:- आपकी सफ़लता में निसंदेह आपके साथ-साथ कुछ अन्य व्यक्तियों और संस्थाओ का भी योगदान रहा होगा, अपनी योग्यता और परीक्षाम के अलावा आप अपनी सफलता का श्रेय किन्हें देना चाहेंगे.

जवाब:- परिवार के साथ-साथ मेरे मित्रो ( विकास , दलवीर , राहुल , पंकज , चन्द्रप्रकाश ) ने पुरे सफ़र में मेरा पूरा सहयोग किया. एवं मेरे आत्मविश्वाश को कमजोर नहीं होने दिया, तेयारी के दोरान किसी शिक्षक या संस्थान का मार्गदर्शन प्राप्त नहीं हुआ.

प्रश्न न.5:- आपका वैकल्पिक विषय क्या था ? क्या आपने इसकी पढाई स्नातक या आगे के स्तर पर की थी  ? यदि नहीं , तो इसके चयन का आधार क्या था. 

जवाब:- जी,मेरा वैकल्पिक विषय भूगोल था, मैने स्नातक , परास्नातक , एम.फिल.में भूगोल विषय का अध्ययन किया है.

प्रश्न न.6:- आपने निबंध की तेयारी केसे की ? परीक्षा भवन में विषय चयन तथा समय प्रबंध को लेकर आपने क्या रणनीति  अपनाई ? क्या भूमिका और निष्कर्ष लेखन के लिए कोई विशेष या सामान्य तरीके से ही लिखा? 

जवाब:- लेखन में रूचि होने के कारण निबंध लेखन हेतु विशेष तेयारी की आवश्यकता महसूस नहीं हुई, निबंध लेखन पूर्व निबंध का एक संरचनात्मक खाका बनाना , परिचय, निष्कर्ष , उध्दरण , के बारे में विचार निबंध की दृष्टी से अत्यधिक महत्वपूर्ण है.  

प्रश्नन न.7:-बहुत से विद्यार्थी इस बात को लेकर संयम में रहते है. कि वे पढाई के साथ नोट्स बनाएं या नहीं ? अगर वे नोट्स बनाते है तो बहुत सारा समय चला जाता है, लेकिन नोट्स नही बनाएं तो तेयारी अधूरी रहे जाती है. इस सम्बन्ध में आपकी क्या राय है.

जवाब:- नोट्स की सिनोप्सिस बनाएं, प्रत्येक पेपर के नोट्स अधिकतम इतने हो की उन्हें एक दिन में पढ़ा जा सके. किताबो के पुनः स्व: हस्तशिल्पी मुद्रण का कोई लाभ नहीं , नोट्स संक्षिप्त , प्रतीकात्मक एवं कीवर्ड में होने चाहिये. 

प्रश्न न. 8:- मुख्यपरिक्षा के परीणाम के बाद आपने साक्षात्कार की तेयारी केसे की ? क्या उस अल्प अवधि में की गई तेयारी सचमुच साक्षात्कार में मदद करती है ? अगर हाँ तो कितनी और केसे ? 

जवाब :- इसके लिए DAF आधारित प्रश्नों का पुर्वाभ्यास किया. माॅक इंटरव्यू द्वारा फीडबैक पर ध्यान दिया. व्यक्तित्व कुछ हफ्तों या महीनो में बनने वाली चीज नहीं इसलिए ' व्यक्तित्व-परीक्षण ' के सम्बन्ध में न्यूनतम चिंता ही परम समाधान है. 

प्रश्न न.9:- हमने कई टाॅपर से सुना है कि वे इंटरव्यू से पहले काफी नर्वस थे और तनाव का प्रबंध करने में  काफी कठिनाई महसूस कर रहे थे. क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ या आपको बिलकुल तनाव नहीं हुआ. 

जवाब:- इतने महत्वपूर्ण क्षणो में नर्वस होना स्वाभाविक है. तनाव इंटरव्यू का भाग है. उस तनाव को आप कितना संभाल पाते है. यह महत्वपूर्ण है. तनाव एवं गंभीरता का घनिष्ट सम्बन्ध है. इसलिए तनाव को समस्या मानना भूल होगी.

प्रश्न न.10:- सिविल सेवा परीक्षा की तेयारी शुरू करने के लिए सबसे उपयुक्त समय क्या है. ग्रेजुएशन के साथ-साथ , उसके तुरंत बाद या कुछ और ? आपने तेयारी कब शुरू की थी.क्या आप इस सम्बन्ध में अपनी रणनीतिक को सटीक मानते है.

जवाब:- ग्रेजुएशन के बाद तेयारी मेरे अनुसार सर्वाधिक उपयुक्त समय है. UPSC पर सारा ध्यान केन्द्रित कर स्नातक परीक्षा पर ध्यान न देना एक भूल होगी. 

प्रश्न न. 11:- तेयारी के दौरान समय प्रबंधन एक गंभीर चुनोती है , चाहे वो दिनों या महीनो के स्तर पर हो या एक दिन में घंटो के स्तर पर इसका हल आपने केसे निकला. इस सम्बन्ध में ये भी बताएं की आपकी राय में परिक्षार्थियो के लिए आदर्श दिन चर्या केसी होनी चाहिएं. 

जवाब:- जितने समय पढने में आन्नद आये उतना पढ़े, किन्तु नयूनतम 6 घंटे तो अध्ययन अनिवार्य है .सप्ताह में एक दिन अवकाश ले , दिनचर्या को व्यवस्थित रखे , स्मार्ट स्टडी पर ध्यान दे. देनिक-साप्ताहिक-मासिक लक्ष्य निर्धारित करे. 

प्रश्न न.12 :- अपना परिणाम जानने से पूर्व आप टोपर के बारे में केसा सोचते थे ? क्या स्वंय टोपर बन जाने के बाद आपकी राय बदली है. 

जवाब:- में भी तुम जेसा हूँ मुझे अपने से जुदा मत समझो , आदमी ही मुझे रहने दो खुदा मत समझो 

नहीं, टोपर भी हम लोगो में से होते है. केवल प्रयास के स्तर पर अंतर पाया जाता है. 

प्रश्न न. 13:- इस परीक्षा की तेयारी के दोरान होने वाले मानसिक तनावों से केसे उभरा जा सकता है. आप इसके लिए क्या युक्ति अपनाते थे. 

जवाब:- जेसे मैने पहले बताया था कि ईट पर ध्यान दो दीवार पर नहीं , मैने अपना व्यक्तिगत छात्र धर्म पूरा किया और अपेक्षाएं शुन्य ही रखी , इसलिए व्यक्तिगत स्तर पर तेयारी का सफ़र आनंद वाला रहा , जब आप यह जानते है कि आप अपने हिससे का कार्य पूर्ण अनुशासन से कर रहे है तो आनंद की अनुभूति होती है , तनाव की नहीं ...

        

 परिणाम से सम्बंधित कुछ जानकारियां 

परीक्षा का नाम - सिविल सेवा परीक्षा 

अनुक्रमांक - 1112389

रेंक - 732th

परीक्षा का माध्यम  -हिंदी

वैकल्पिक विषय - भूगोल

प्रयाससंख्या - 6

मनोज कुमार केसे पास की UPSC परीक्षा 2019 , जाने TOPPER के बारे में. मनोज कुमार केसे पास की UPSC परीक्षा 2019 , जाने TOPPER के बारे में. Reviewed by Teck Qureshi on मार्च 12, 2021 Rating: 5

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