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जनहित याचिका ( PIL ) क्या है. Janhit yachika (PIL) kya hai

 जनहित याचिका (PIL) क्या है. JANHIT YACHIKA (PIL) KYA HAI.

PIL

जनहित याचिका:- जनहित याचिका जिसे अंग्रेजी में PIL कहा जाता है. PIL की फुल फॉर्म Public Interest Litigation होती  है. 

जनहित याचिका भारतीय कानून में सार्वजानिक हित की रक्षा के लिए मुक़दमे का प्रावधान है. इसमें ये आवश्यक नहीं की पीड़ित पक्ष स्वंय अदालत में जाये. यह किसी भी नागरिक या स्वंय न्यायालय द्वारा पीड़ितों के पक्ष में दायर किया जा सकता है. 

जनहित याचिका भारतीय संविधान या किसी कानून में परिभाषित नहीं है, यह उच्चतम न्यायालय के संवेधानिक व्याख्या में है.

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इस प्रकार की याचिकाओ का विचार अमेरिका से लिया गया, जिसे सामाजिक कार्यवाहक याचिका कहते है. यह न्यायपालिका का अविष्कार तथा न्यायधीश निर्मित विधि है. भारत में जनहित याचिका पी.एन. भगवती व वी.आर. कृष्ण अय्यर द्वारा प्रारम्भ किया गया था.

संविधान ने प्रत्येक नागरिक को कुछ मौलिक आधिकार दिये है. इन अधिकारों की रक्षा के लिए कोई भी नागरिक संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट और 226 के अंतर्गत हाई कोर्ट में pil दायर कर सकता है.

PIL का प्रथम मुकदमा.

जनहित याचिका का प्रथम मुकदमा 1979 में हुसैनआरा खातून बनाम बिहार राज्य (AIR1979 , SC-1360) केस में कारागार और विचाराधीन केदियो की अमानवीय परिस्थितियों से सम्बद्ध है.


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