भारतीय ध्वज के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में ,

 

  • Indian Flag, भारतीय ध्वज में कितने रंग होते है , भारतीय ध्वज किसने बनाया , दुनिया में सबसे पहला ध्वज किस देश का था, दुनिया में सबसे अच्छा ध्वज किस देश का है ,

     भारतीय ध्वज :-

    दोस्तों किसी भी देश का राष्टीय ध्वज उस देश के लिए सबसे महान होता है। और हर एक राष्ट्र का अपना राष्ट्रीय ध्वज होता है।  जिससे यह पता चलता है कि यह एक आजाद देश है और यह ध्वज उस देश का गोरव है। 

    जैसे - हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है इस तिरंगे के सम्मान के लिए कई वीरो ने अपने बलिदान निछावर किये है इससे हमारा झंडा तिरंगा पुरे मान सम्मान के साथ लहराता रहे है और कोई भी इसकी गरिमा को ठेंस ना पहुंचा सके....

  •      भारतीय ध्वज का वर्तमान स्वरुप

  •  भारतीय ध्वज को तिरंगा के नाम से जाना जाता है भारतीय संविधान सभा ने 22 JULY 1947 को तिरंगे को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया। इसे 14 अगस्त 1947 को संविधान सभा ने रात्रिकालीन अधिवेशन में राष्ट्र को समर्पित किया। भारतीय ध्वज  में तीन रंग की आड़ी पट्टियाँ है. जिसमे  तीन रंग व उनका अर्थ इस प्रकार है।

     केसरिया = शक्ति व साहस का प्रतिक।

     सफेद    = शान्ति व सत्य का प्रतिक। 

     हरा     = उर्वरता का प्रतिक।

                                                          INDIAN FLAG        image          

    भारतीय ध्वज की लम्बाई व चौड़ाई का अनुपात 3:2 है ध्वज के बीच में एक चक्र है , जो तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनाए गये सारनाथ स्थित मंदिर ( अशोक के सिंह स्तम्भ ) से लिया गया है, चक्र से आश्य यह है कि जीवन गतिशील है तथा रुकने का नाम मृत्यु है   चक्र में 24 तिल्लियां है जो 24 घंटे का प्रतिक है तथा प्रत्येक 2 तिल्लियो के बीच में 15 डिग्री का कोण है .

    26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया गया , तथा आजादी के कई वर्ष बाद भारतीय नागरिको को अपने घरो , कार्यालयों , व दफ्तरों में न केवल राष्ट्रीय दिवसों पर , बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के ससम्मान फहराने की अनुमति मिल गयी.


            भारतीय ध्वज का इतिहास   

    1.   झंडो के अध्ययन को वेक्सिलोलोजी कहा जाता है

    2.  आजादी का स्वाधीनता संग्राम (1857) जिसे सामान्य तौर पर भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है जिसमे सभी भारतीयों ने बड- चढ कर हिस्सा लिया था , उस समय अंग्रेजो ने एक झण्ड बनाकर भारतीयो पर लागु किया था 

     


     3. 1904 में स्वामी विवेकानंद के शिष्य ने एक झण्डा बनाया , जिसमे तीन रंग थे     

    पीला  = जीत का प्रतिक 

    लाल   = आजादी का प्रतिक

    सफ़ेद =  शांति व सादगी का प्रतिक 

    झण्डे के बीच में एक निशान था जो बोद्ध धर्म से संबधित था तथा इसके दोनों ओर बंगाली भाषा में वन्दे मातरम् लिखा था, तथा झण्डे के चारो ओर 101 दीये थे 

    4. 7 अगस्त 1906 को कलकत्ता के पारसी बागान चोराहे पर भी एक ध्वज  फहराया गया था इस ध्वज में 3 रंग थे 

    हरा  = ( हरे रंग पर 8 कमल बने थे ) 

    पीला = ( पीले रंग पर वन्दे मातरम् लिखा था )

    लाल = ( लाल रंग पर एक कोने में अर्द्ध चन्द्र व दुसरे कोने में सूरज बना था )

    5. 1917 में जब हमारे राजेतिक संघर्ष ने निश्चित मोड़ लिया , डॉ. एनी बेसेन्ट और लोकमान्य तिलक ने एक आदोलन के दोरान एक ध्वज फहराया था. 

    इस ध्वज में 5 लाल व 4 हरी क्षैतिज पट्टियों तथा सात तारे जो सप्त ऋषियों को दर्शाते है. तथा बाई ओर एक कोने पर यूनियन जैक तथा दुसरे कोने पर अर्द्ध चन्द्र तथा तारा था.

     

     

    6. अखिल भारतीय कमेटी के सत्र के दोरान आन्ध्र प्रदेश के एक युवक ने एक झंडा बनाया , जिसमे दो रंग लाल तथा हरा था जो दो समुदायों का प्रतिनिधित्व करता था . तथा वे इस ध्वज को गाँधी जी के पास लेकर गए तब गाँधी जी ने सुझाव दिया कि भारत के शेष समुदायों का प्रतिनिधित्व करने के लिए, इसमें एक सफ़ेद पट्टी तथा राष्ट्र की प्रगति का संकेत देने के लिए इसमें एक चरखा होना चाहिए. 

    7. वर्ष 1931 ध्वज के इतिहास में एक यादगार वर्ष है तिरंगे झंडे को हमारे राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया, यह ध्वज वर्तमान स्वरूप के ध्वज का पुर्व्वज था.  इसमें तीन रंग थे. तथा चलता हुआ चरखा था.

    गहरा केसरिया =शक्ति व साहस का प्रतिक 

    सफ़ेद              = शांति व सत्य का प्रतिक

    हरा                  = उर्वरता और भूमि की पवित्रता का प्रतिक 

    भारतीय संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 इस ध्वज को मुक्त भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया , इस ध्वज का निर्माण पिंगाली वैंकेया ने किया था ,

    परन्तु आजादी मिलने के बाद इसके रंग और उनका महत्व बना रहा केवल चलते हुए चरखे के स्थान पर सम्राट अशोक के धर्म चक्र को दिखाया गया. 

         ADVANCE INFORMATION (ALL COUNTRIES FLAG )

     
1. आजादी के बाद प्रथम बारआधिकारिक रूप से भारतीय ध्वज को आस्ट्रेलिया में फहराया गया                                      

  2. माउन्ट एवरेस्ट पर प्रथम बार भारतीय ध्वज को 29 मई 1953 को तेनसिंह नार्गे व सर अडमण्ड हिलेरी द्वारा फहराया गया.  

3. सर्वप्रथम 1971 में अमेरिका के अपोलो-15 नामक अन्तरिक्ष यान द्वारा भारत का राष्ट्रीय ध्वज अन्तरिक्ष में फहराया गया.                      

4. स्क्वाड्रन लीडर संजय थापर ने 21 अप्रेल 1996 को INDIAN FLAG को उत्तरी धुर्व पर फहराया.                           

 5.  प्रथम अन्तरिक्ष यात्री राकेश शर्मा भारतीय ध्वज को स्पेस सूट पर बेज के रूप में 5 अप्रेल 1984     को    लगाकर अतरिक्ष में पहुचें.                            

   6. 15 नवम्बर २००8  को भारत ने चंद्रमा पर भी अपना ध्वज फहराया,इस प्रकार चंद्रमा पर ध्वज फहराने वाला भारत विश्व का चोथा देश बन गया , इससे पहले अमेरिका , रुस , तथा  यूरोपीय अन्तरिक्ष एजेंसी ने भी अपने चंद्रमा पर फहरा चुके है.

  • tech Qureshi




भारतीय ध्वज के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में , भारतीय ध्वज के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में , Reviewed by Teck Qureshi on मार्च 02, 2021 Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.