केन्द्रीय जाँच ब्यूरो ( CBI ) का गठन , CBI के कार्य , CBI अधिकारी की सेलरी व CBI अधिकारी की पॉवर क्या होती है.

 जय हिन्द दोस्तों स्वागत है. आपका आजके इस लेख में जिसमे हम जानेंगे सीबीआई का गठन कब हुआ, सीबीआई के क्या-क्या कार्य होते है, सीबीआई अधिकारी की सेलरी व पॉवर के बारे में. तो जुड़े रहिये हमारे साथ अंत तक.

1.केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (CBI)

यह कोई वैधानिक संस्था नहीं है, इसे शक्ति दिल्ली विशेष पुलिस अधिष्ठान अधिनियम , 1946 में मिलती है.

CBI

 आदर्शवाक्य (MOTTO): उद्यम, निष्पक्षता तथा अखंडता 

उद्देश्य (MISSION): संविधान तथा देश की रक्षा करना और इसके लिए गहराई से अनुसन्धान करना तथा अपराधों के विवरण एवं सफल अभियोग दायर करना पुलिस बल को नेत्रत्व तथा दिशा-निर्देश देना तथा कानून लागु करने में अंतर-राज्यीय (Inter-State)तथा अंतराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना.

दृष्टि (Vision) : अपने आदर्श वाक्य, उद्देश्य तथा व्यावसायिकता की जरुरत, पारदर्शिता, परिवर्तन के प्रति अनुकूलन तथा अपनी कार्य प्रणाली में विज्ञान और प्रोद्योगिकी के उपयोग के द्वारा सीबीआई अपने प्रयासों को केन्द्रित करती है. 

1. सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार से संघर्ष, आर्थिक एवं हिंसक अपराधों में सुविस्तारित अनुसन्धान एवं अभियोग द्वारा कमी लाना. 

2. विभिन्न न्यायालयों के लंबित मामलो के सफल अनुसन्धान एवं अभियोग दायर करने के लिए प्रभावी प्रणाली एवं प्रक्रिया विकसित करना.

3. साइबर (Cyber) तथा उच्च-प्रोद्योगिकी अपराधो से लड़ने में सहायता करना 

4. कार्यस्थल पर ऐसा सोहार्दपूर्ण वातावरण बनाना, जिससे टीम-भावना, मुक्त संचार तथा आपसी विश्वास को बढ़ावा मिले. 

5. राज्यों के पुलिस संगठनो तथा कानून लागु करने वाली एजेंसियों के राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय सहयोग, विशेषकर मामलो की छानबीन और अनुसंधान में सहायता करना.

6. राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध के विरुद्ध लड़ाई में मुख्य भूमिका का निर्वहन करना.

7. मानवाधिकारों की रक्षा करना तथा पर्यावरण, कलाओ, कलात्मक वस्तुओ की रक्षा के साथ अपनी सभ्यता का विस्तार करना.

8. वैज्ञानिक अभिवृत्ति, मानवता तथा जाँच-अनुसंधान तथा सुधार की भावना का अपने अन्दर विकास करना.

9. कार्य प्रणाली के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता तथा व्यवसायिकता के लिए प्रयासरत रहना, जिससे की संगठन अपने प्रयत्नों एवं उपलब्धियों में शिखर पर पहुंचे.


 सीबीआई की शाखाएँ (2016)

1. भ्रष्टाचार निरोधक शाखा 

2. आर्थिक अपराध शाखा 

3. विशेष अपराध शाखा 

4. नीतिगत एवं अंतराष्ट्रीय पुलिस सहयोग शाखा 

5. प्रशासनिक शाखा 

6. अभियोग निर्देशालय 

7. केन्द्रीय-फारेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला 

सीबीआई का गठन ( Formation of CBI )

सीबीआई का निदेशक (Director) इसका प्रमुख होता है, इसके सहयोग के लिए विशेष निदेशक अथवा अतिरिक्त निदेशक होता है. इसके अतिरिक्त अनेक संयुक्त निदेशक, उप-महानिरिक्षक, पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस कर्मियों के अन्य रेंक होते है. 

सीबीआई निदेशक पुलिस महानिरीक्षक के रूप में जबकि दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान ( Delhi Special Police Publishment) सीबीआई के प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है. 

2003 में केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त अधिनियम (CVC ACT 2003) पारित होने के पश्चात दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान के अधीक्षक भ्रष्टाचार विरोधक अधिनियम, 1998 के अंतर्गत अपराध अनुसंधान का कार्य देखते है.

इसका अधीक्षण केन्द्रीय सतर्कता आयोग करता है. केन्द्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम,2003 के द्वारा सीबीआई निदेशक को 02 वर्षो की कार्य-अवधि की सुरक्षा मिली है.

सीबीआई के कार्य ( Function of CBI)

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के भ्रष्टाचार, घुसखोरी तथा दुराचार मामलो का अनुसंधान करना.

राजकोषीय तथा आर्थिक कानूनों के उल्लंघन के मामलो का अनुसंधान करना, जेसे- आयात-निर्यात नियंत्रण से सम्बन्धित कानूनों का अतिक्रमण, सीमा शुल्क तथा केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम, के उल्लघन के मामले.

पेशेवर अपराधियों के संगठित गिरोहों द्वारा किये गये ऐसे गंभीर अपराधो का अनुसंधान, जिसका राष्ट्रीय या अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव हुआ हो.

भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों तथा विभिन्न राज्य पुलिस बलों के बीच समन्वय स्थापित करना 

राज्य सरकार के अनुरोध पर किसी सार्वजानिक महत्व के मामलो को अनुसन्धान के लिए हाथ में लेना.

सीबीआई अकादमी गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में अवस्थित है. इसके पूर्व सीबीआई प्रशिक्षण केंद्र, नई दिल्ली में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होते थे.

अपराध से सम्बंधित आंकड़ो का अनुरक्षण तथा आपराधिक सूचनाओ का प्रसार.

1. एंटी करपशन डिविजन (ACD) : केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों तथा आर्थिक संस्थानों और सार्वजानिक क्षेत्रो में होने वाले भ्रष्टाचार एवं धोखाधड़ी की जाँच पड़ताल करती है. 

2. इकोनोमिक क्राइम डिवीज़न (ECD) : बैंक तथा फिनेंशियल फ्राॅड, आयात-निर्यात और विदेशी मुद्रा से जुड़े नियमो का उल्लंघन, नशीली दवाओ, एतिहासिक-पुरातात्विक तथा सांस्कृतिक संपदा एवं अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी से सम्बंधित मामलो की जाँच करती है. 

3. स्पेशल क्राइम डिवीज़न (SCD) : इसके अंतर्गत आतंकवाद, बम-ब्लास्ट, मानव-बम, फिरोती के लिए अपहरण, चर्चित हत्याओ से सम्बंधित अनसुलझी गुत्थी तथा माफियाओ द्वारा किये जाने वाले अपराधो की जाँच की जाती है.


संविधान क्या है, जाने संविधान से जुडी कुछ अनसुनी दास्ताँ

केन्द्रीय जाँच ब्यूरो ( CBI ) का गठन , CBI के कार्य , CBI अधिकारी की सेलरी व CBI अधिकारी की पॉवर क्या होती है. केन्द्रीय जाँच ब्यूरो ( CBI ) का गठन , CBI के कार्य , CBI अधिकारी की सेलरी व CBI अधिकारी की पॉवर क्या होती है. Reviewed by Teck Qureshi on अप्रैल 04, 2021 Rating: 5

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