कहानी कॉलेज के उस गोल्ड मेडलिस्ट की जो UPSC में दो बार हुए फ़ैल, लेकिन फिर लिख डाली सफलता की नई इबारत.

रौनक अग्रवाल की, जो कॉलेज टाइम में गोल्ड मेडलिस्ट रहे परन्तु UPSC परीक्षा में 2 बार असफल होने के बाद भी धैर्य बनाया रखा और UPSC टोपर बने .

 आईएएस एक ऐसी है. नौकरी जिसे करने का हर एक स्टूडेंट का सपना होता है. क्यूंकि आईएएस बनने के बाद समाज में बदलाव करने की जो पॉवर मिलती है. शायाद ही किसी और नोकरी में मिले. इसलिए हर एक स्टूडेंट का सपना UPSC करने का होता है. (techqureshi)

परन्तु इसमें बहुत कम लोग ही सफल हो पाते है. UPSC (आईएएस) का exam दुनिया का दूसरा और भारत का पहला सबसे कठिन एग्जाम माना जाता है. कुछ स्टूडेंट तो UPSC की तैयारी 10वीं - 12वीं से ही शुरू कर देते है जबकि कुछ स्टूडेंट इसकी तैयारी ग्रेजुएशन-पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद शुरू करते है. और आईएएस बनकर देश सेवा करते है. 

Success Story Of IAS Rounak Agarwal :-पश्चिम बंगाल के कोलकाता के रहने वाले रौनक अग्रवाल पढाई-लिखाई में बचपन से ही होनहार रहे है. उन्होंने पढाई में हर जगह सफलता की इबारत लिखी है, शुरू से ही रौनक हर कक्षा में टॉप करते थे, उसी तरह उन्होंने इंटरमीडियट में भी टॉप किया और बी. कॉम में एडमिशन लिया. बी.कॉम में रौनक ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मैडल प्राप्त किया. उसके बाद रौनक ने CA का एग्जाम पास किया और उसमे उनकी 5th रैंक आई. 

रौनक का नाता व्यापारिक परिवार से है, यानि रौनक के दादा जी एक प्रतिष्ठित व्यापारी है. जो रौनक को एक आईएएस बनाना चाहते थे. वे रौनक अग्रवाल को समझाते थे. कि व्यापर में तुम खूब कमा सकते हो परन्तु आईएएस की तो कुछ अलग ही बात है. 

 अपने दादा जी के सपने को पूरा करने के लिए रौनक अग्रवाल ने UPSC परीक्षा की तैयारी करने की ठानी. रौनक अग्रवाल अभी तक तो सफलता के झंडे गाढ़ रहे थे. कहते है न के बेटा ये UPSC इतनी आसानी से कहां मानेंगी, रौनक अग्रवाल के साथ भी वही हुआ पहले प्रयास में रौनक प्री भी नहीं निकाल पाये. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. और और दुसरे एटेम्पट की तैयारी शुरू की. इस बार भी असफलता उनके हाथ लगी. एक बंदा जो कॉलेज में गोल्ड मेडलिस्ट रहा हो और उसे अचानक से लगातार दो असफलताएँ हाथ लगे तो उसका अंदर से टूट जाना स्वाभाविक है. परन्तु रौनक अग्रवाल ने फिर भी धैर्य बनाये रखा. इस बार रौनक ने एक रणनीतिक तरीके से एग्जाम की तैयारी की और UPSC एग्जाम न केवल क्रैक किया बल्कि इस बार उन्होंने सफलता की एक इबारत लिखते हुए UPSC CSE 2019 में 13वीं रैंक प्राप्त की.(techqureshi)

 

इच्छा पूरी नहीं होती तो, क्रोध बढ़ता है. और इच्छा पूरी होती तो, लोभ बढ़ता है. 

इसलिए जीवन की हर स्थिति में , धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्टा है.

 

धन्यवाद.....(techqureshi)

 

आईएएस बनने से पहले दोस्त मजाक बनाते थे 

जनहित याचिका (PIL) अब इस प्रकार फाइल करे.

कहानी कॉलेज के उस गोल्ड मेडलिस्ट की जो UPSC में दो बार हुए फ़ैल, लेकिन फिर लिख डाली सफलता की नई इबारत. कहानी कॉलेज के उस गोल्ड मेडलिस्ट की जो UPSC में दो बार हुए फ़ैल, लेकिन फिर लिख डाली सफलता की नई इबारत. Reviewed by Teck Qureshi on मई 24, 2021 Rating: 5

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