मात्र 300 रूपये से शुरू किया तेल का बिजनेस , अब 2500 करोड़ का टार्नओवर.

जय हिन्द दोस्तों आज के इस लेख में हम बात करने जा रहे है, एक ऐसे इन्सान की जिन्होंने मात्र 300 रुपए से एक बिजनेस शुरू किया और आज उनकी कंपनी का सालाना टार्नओवर 2500 करोड़ है. 

इस लेख में आप जानेगे, " व्यापार करने के आसान तरीके". 


  कहते है, कि इन्सान जब कुछ करने की ठान लेता है. और ईमानदारी से अपने लक्ष्य को पाने की कोशिश करे तो उसे उसके लक्ष्य तक पहुँचने से कोई नहीं रोक सकता है.  

यदि हमारा कोई सबसे बड़ा दुश्मन है तो वो हम खुद है, जो खुद ही अपने आप को आगे बढ़ने से रोकता है. ये बात हम सब जानते है कि युवाओ का लोहा दुनिया मानती है. युवा पीड़ी ही इस संसार को बदल सकती है. लेकिन उसके लिए जरुरी है पॉजिटिव सोच युवाओ में लानी होगी.

इस शख्स का नाम है - जयेश देसाई , जिन्होंने 2500 करोड़ के राजहंस समुह की आधारशिला रखी.

जयेश देसाई एक छोटे से गाँव के रहने वाले थे, जहाँ मुलभुत सुविधाओ का अभाव था. जयेश का जन्म एक बनिया परिवार में हुआ. उनके पिता की एक छोटी सी किराने की दुकान थी. जयेश की चार बहेने है.जयेश अपने माँ- बाप की चौथी संतान है, इस छोटी-सी दुकान से इतने बड़े परिवार की मुलभुत सुविधाओ का पूरा होना बहुत बड़ी बात थी.
आपको बता दे, कि जयेश देसाई को बचपन से ही गाडियों का बहुत शौक था. लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी, की कोई कार खरीद सके. वे दुसरो की गाडियों को देखकर ही सतुष्ट हो जाते थे. जयेश देसाई बनिया परिवार से ताल्लुक रखते है, ओए उनके गाँव में उनके समुदाए के बहुत से ऐसे लोग रहते थे, जो उस समय गाँव से बाहर पैसा कमाने के लिए गये और फिर वहीं बस गये. वे लोग छुट्टियों में अपने गाँव अपनी कारो से आते थे, तो उन्हें देखकर जयेश के मन में भी बाहर जाकर पैसा कमाने की आती थी. 

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  कोई भी व्यापार करने का आसान तरीका- बिजनेस कैसे शुरू करे.

धीरे-धीरे उनके समुदाएँ के अधिकांश लोगो का पलायन गाँव से मुंबई की ओर हुआ, इनकी बड़ी बहन की मदद से जयेश भी मुंबई गये. मुंबई जाकर जयेश 300 रूपये प्रति माह वेतन के हिसाब से एक बॉल-बियरिंग की दुकान में काम करने लगे. उस समय 30 रूपये प्रति माह उनके खाने-पीने और रूम के रेंट पर खर्च हो जाते थे. इस छोटे से रूम में उनके साथ 6-7 रूममेट्स रहते थे. और जयेश फर्श पर सोते थे. और इस प्रकार उनकी जिंदगी के 6 महीने गुजर गये. उनको घर की याद आई और सन 1989 में जयेश अपने गाँव आ गये. और अपने पिता की छोटी सी दुकान को आगे बढाने की कोशिश करने लगे.

इस प्रकार किराने की दुकान चलाते-चलाते उन्हें तीन साल हो गये और दुकान से वो कुछ आगे नहीं बढ़ पाये. अब उनको समझ आ गया था कि इस छोटे से गाँव में छोटी सी इस दुकान से उनके सपने पुरे नहीं होंगे. उनके बचपन के एक मित्र थे. जो सूरत में हीरे की दलाली करते थे, जयेश उनके साथ सूरत चले गये. 

जयेश बताते है, कि जब वो अपने घर से सूरत के लिए निकले तो उनके पास 500 रूपये थे. जिनमे से 90 रूपये उनके रास्ते में सूरत जाते समय ही खर्च हो गये थे. और उनके पास 410 रूपये ही शेष बचे थे. और वहां जाकर उन्होंने एक हीरा व्यापारी के यहाँ काम किया.

काम करते-करते उनके मन में अपना पुराना व्यापार आया. उन्होंने अपने एक मित्र की मदद से वचहार रोड पर एक दुकान किराये पर ली. और तेल बेचने का व्यापार शुरू किया,. परन्तु उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे. तो उन्होंने एक तेल से सिमित समय के लिए एक तेल मिल से उधार तेल लेना शुरू किया. और पहले महीने में जयेश को इस तेल के व्यापार से 10000 रूपये का मुनाफा हुआ. देखते-ही-देखते जयेश का ये तेल का व्यापार इतना बढ़ गया था कि , उन्हें एक साल में पांच लाख का मुनाफा हुआ. इसी के साथ उनके हौसले को एक नई ताकत मिली. और उन्होंने दो टैंको के साथ स्वय का ब्रांड राजहंस समूह की शुरुआत की.

 मूंगफली और कपास से तेल का बिजनेस कैसे करे.

जयेश देसाई बताते है, कि शुरू में उन्होंने मूंगफली और कपास का स्तेमाल तेल के लिए करते थे. उनकी कंपनी मुंबई में अपने पैर जमा चुकी थी. इसके बाद उन्होंने राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र की ओर रुख किया और पांच शीर्ष कम्पनियों में शामिल हो गये. 

तेल का व्यापार करते-करते उनके दिमाग में अन्य क्षेत्रो में भी कुछ नया करने का आइडिया आया. और इसी के साथ उन्होंने सन 1999 में एक कपडे मिल का अधिकरण किया. 

जयेश शुद्ध-शाकाहारी परिवार से है. उन्होंने शिरडी, वैष्णो देवी और तिरुपति में तीन शुद्ध शाकाहारी 5 STAR भी खोले. इसी के साथ साल दर साल जयेश देसाई आगे बढ़ते गये, और एक नामचीन उद्योगपति के रूप में शामिल हो गये. फिलहाल वर्तमान समय में जयेश देशाई के राजहंस समुह का सालाना टार्नओवर 2500 करोड़ है.

एक समय ऐसा था जब जयेश देसाई दुसरो को देखकर बड़ा आदमी बनने की प्रेरणा लेते थे. और आज उनका वह समय है कि लोग उनसे प्रेरणा लेते है. 

जिंदगी में कामयाब वही सख्स होता है जो अपनी मंजिल के लिए जी-जान लगा कर अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए संघर्ष करता है और हमें अपने लक्ष्य को लेकर अडिग रहना चाहिये और फजूल कि चीजो पर धयान नहीं देना चाहिये. किसी ने कहा है कि,

अगर जिंदगी में तुम्हे कामयाबी नहीं मिल रही है तो अपने तरीके बदलो मंजिल नहीं.

क्योंकि, पेड़ अपने पत्ते बदलते है जड़ नहीं.

तो जिंदगी में कामयाब होने के लिए अपनी लक्ष्य पर फोकस करना बहुत जरुरी है बिना फोकस के कोई कामयाब हो ही नहीं सकता है अपने लक्ष्य पर फोकस करते हुए अपनी मंजिल को पाने के लिए पूरा जोर लगा दो जब तुम कामयाब हो जाओगे तो हर एक तुम्हारा अपना होगा नहीं तो लोग वक्त के साथ हालत नहीं ओकात पूछते है. जय-हिन्द.

 

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मात्र 300 रूपये से शुरू किया तेल का बिजनेस , अब 2500 करोड़ का टार्नओवर. मात्र 300 रूपये से शुरू किया तेल का बिजनेस , अब 2500 करोड़ का टार्नओवर. Reviewed by Teck Qureshi on मई 30, 2021 Rating: 5

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