कांस्टेबल से आईपीएस का सफ़र, ये है, विजय सिंह गुर्जर की सफलता का राज.

 आजके इस लेख में हम बात करेंगे आईपीएस विजय सिंह गुर्जर के बारे में.

 राजस्थान के रहने वाले विजय सिंह गुर्जर का सलेक्शन सबसे पहले दिल्ली पुलिस में हुआ, इसके बाद उनका चयन हुआ दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर. अब उनका टारगेट हुआ एसएससी एग्जाम और उन्होंने एसएससी का एग्जाम दिया और उसे भी क्रैक कर इनकम टेक्स डिपार्टमेंट ज्वाइन किया , और साल 2017 में सिविल सर्विस एग्जाम क्रैक किया और आईपीएस के लिए सलेक्ट हुए.

 नाम - विजय सिंह गुर्जर 

पिता जी - लक्ष्मण सिंह 

माता जी - चंदा देवी

वाइफ - सुनीता

हाई स्कूल -54.5%

इंटरमिडियात - 67.23%

ग्रेजुएशन - 54.5%

सन 2010 - दिल्ली पुलिस कांस्टेबल 

सन, दिसम्बर 2010 - दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर 

सन, 2013 - सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर

2013 - 2016 - राजस्थान प्रशासन सेवा 

2017 - सिविल सर्विस (आईपीएस)

विजय सिंह गुर्जर का बचपन.

विजय गुर्जर का जन्म राजस्थान के एक गाव में एक साधारण किसान के यहाँ हुआ, विजय की माता-पिता कम पढ़े लिखे है. लेकिन उन्होंने कभी भी अपने बच्चो की पढाई पर ज्यादा ध्यान दिया. ताकि उनके बच्चे जीवन में कुछ ऐसा करे जिससे उनका और उनके गाँव का नाम रोशन हो. 

विजय गुर्जर की स्कूली शिक्षा.

विजय की शुरूआती पढाई गाँव के ही एक छोटे से स्कूल से हुई, विजय बचपन से ही एक ओसत छात्र रहे है. विजय ने गाँव के एक निजी स्कूल से दसवीं कक्षा दित्तीय श्रेणी 54.5 % से और बारहवीं कक्षा प्रथम श्रेणी 67.23% अंको से उत्तीर्ण की. 

विजय ने ग्रेजुएशन राजकीय संस्कृत आचार्य कॉलेज चिराग से 54.5 % अंको के साथ संस्कृत निकाय से उत्तीर्ण की.

दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल 

ज्यादातर गाँवों में जो इन्सान सरकारी नौकरी प्राप्त कर लेता है. गाँव के लोग उसे बहुत ज्यादा सम्मान की नजर से देखते है. साथ ही रिश्तेदारियों में भी उसका आदर बढ़ जाता है. विजय कुमार का झुकाव पहले से ही सरकारी नौकरी की ओर रहा है.

साल 2010 में विजय गुर्जर का चयन दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर हुआ, इसके बाद विजय ने दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के लिए तैयारी शुरू कर दी. और मात्र कांस्टेबल बनने के 6 माह की तैयारी बाद ही दिसम्बर 2010 में विजय ने सब-इंस्पेक्टर के एग्जाम में सफल रहे. 

लेकिन ऐसा लगता है. की विजय के अन्दर जो सफलता की भुख है वो अभी पूरी नहीं हुई है, और इसी के साथ साल 2013 में विजय का चयन सेन्ट्रल एक्साइज में इंस्पेक्टर के पद पर हुआ. तथा १ साल के भीतर ही वो साल 2014 में आयकर विभाग में इंस्पेक्टर बन गये.

विजय गुर्जर का आरएएस में चयन.

आईपीएस विजय सिंह गुर्जर, आईपीएस बनने से पूर्व राजस्थान प्रशासन सेवा ( आरएएस ) में भी अपना चयन करा चुके है. 

आपको बता दे, कि 2013 की आरएएस परीक्षा में विजय ने 556वीं रैंक प्राप्त की थी, तथा साल 2016 में आरएएस परीक्षा में उनकी 456 वीं रैंक थी. 

आईपीएस पद पर हुआ चयन.

 साल 2013 व 2016 में राजस्थान प्रशासन सेवा (आरएएस ) में 556 वीं रैंक व 456 वीं रैंक प्राप्त करने के बाद विजय ने आरएएस ज्वाइन नहीं किया और सिविल सर्विस की तैयारी में लगे रहे. शुरूआती लगातार 3 साल और 3 एटेम्पट में विजय गुर्जर प्री भी क्लियर नहीं कर सके. साल 2016 में UPSC की फाइनल लिस्ट तक पहुंचे. और इंटरव्यू में असफल रहे. 

 संघर्ष, मेहनत, और कामयाबी की मिसाल रहे विजय गुर्जर ने हार नही मानी और साल 2017 में उनकी मेहनत फिर से रंग लायी और UPSC परीक्षा में 574वीं रैंक हासिल कर आईपीएस के सलेक्ट हुए.

विजय गुर्जर की UPSC अस्पिरंट्स को सलाह.

अब आप विजय सिंह गुर्जर के बारे में जान ही गये होंगे, विजय सिंह गुर्जर वे शख्सियत है. जो संघर्ष, मेहनत और कामयाबी की एक मिसाल है. 

विजय गुर्जर के अनुसार, ये मायने नहीं रखता है.कि आप किस बैकग्राउंड से आते है, बल्कि ये मायने रखता है, कि आप अपने सपनो और लक्ष्य को लेकर कितने दृढ़ है. यदि आप किसी भी एग्जाम की तैयारी मन लगाकर करते है तो सफलता आपके कदम आवश्य चूमेगी.

 

मोटिवेशन --

कोहरे से एक अच्छी बात सिखने को मिली कि , जब जीवन में कोई रास्ता न दिखाई दे.

तो बहुत दूर तक देखने की कोशिश व्यर्थ है.

धीरे-धीरे, एक-एक कदम चलते चलो, रास्ता अपने आप खुल जायेगा.      (Tech Qureshi)



अगर आप आईएस बनना चाहते है, तो जाने मनीष कुमार की रणनीति

 

कांस्टेबल से आईपीएस का सफ़र, ये है, विजय सिंह गुर्जर की सफलता का राज. कांस्टेबल से आईपीएस का सफ़र, ये है, विजय सिंह गुर्जर की सफलता का राज. Reviewed by Teck Qureshi on मई 25, 2021 Rating: 5

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