भारत के राष्ट्रपति का वेतन कितना होता है.

जय हिन्द दोस्तो,आज के इस लेख में हम जानेंगे भारत राष्ट्रपति के बारे में बिलकुल विस्तार से, जैसे कि राष्ट्रपति का निर्वाचन (Election of the President), मतसंख्या का निर्धारण (Determination of voting Numbers), राष्ट्रपति का कार्यकाल (Tenure of President), राष्ट्रपति पद की योग्यताएं (Qualification ofPrasidenet), भारत के राष्ट्रपति का वेतन (Salary of President), राष्ट्रपति की पेंशन (Pension of President), राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment on President), राष्ट्रपति के अधिकार (Right of President), राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान (Oath or Affirmation by the President), क्या राष्ट्रपति रबर कि मुहर है, अंतरिम राष्ट्रपति आदि.... 

भारत के राष्ट्रपति की सैलरी कितनी है.

राष्ट्रपति का निर्वाचन (Election of the President)

मतसंख्या का निर्धारण (Determination of voting Numbers)

राष्ट्रपति का कार्यकाल (Tenure of President)

राष्ट्रपति पद की योग्यताएं (Qualification ofPrasidenet)

भारत के राष्ट्रपति का वेतन (Salary of President)

राष्ट्रपति की पेंशन (Pension of President)

राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment on President)

राष्ट्रपति के अधिकार (Right of President)

राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान (Oath or Affirmation by the President)

क्या राष्ट्रपति रबर कि मुहर है

अंतरिम राष्ट्रपति क्या होता है.

 

भारत का राष्ट्रपति : नाममात्र कार्यपालिका (President of India : Nominal Executive)

भारतीय संविधान में भारत के राष्ट्रपति की वाही स्थिति है जो ब्रिटिश संविधान में सम्राट की है. राष्ट्रपति राष्ट्र का प्रमुख है.कार्यपालिका का नहीं, राष्ट्रपति ही राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है. शासन का नहीं. वह साधारणत: मत्रिपरिषद की सलाह मानने को बाध्य होता है. वह मंत्रियो की सलाह के विरूद्ध कुछ नहीं कर सकेगा, और न ही मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना कुछ कर सकता है.

भारतीय संविधान के आर्टिकल 52 के तहत भारत का एक राष्ट्रपति होगा राष्ट्रपति भारतीय संघ की कार्यपालिका का वैधानिक प्रमुख होगा. राष्ट्रपति राज करता है, शासन नहीं. संविधान द्वारा राष्ट्रपति को जो शक्तियां प्राप्त होती है.उनका प्रयोग संघीय कार्यपालिका के द्वारा किया जाता है.दुसरे शब्दों में राष्ट्रपति समस्त कार्यपलिकीय शक्तियों का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह पर करता है. वह मंत्रिपरिषद कि सलाह को मानी के लिए बाध्य है.

राष्ट्रपति का निर्वाचन (Election Of The President)

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति का निर्वाचन मंडल द्वारा किया जाता है. जिसमे निम्न सदस्य राष्ट्रपति का निर्वाचन करते है.

1. संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य.

2. राज्यों के विधान सभाओ के निर्वाचित सदस्य तथा संघीय राज्य क्षेत्रो को विधान सभाओ के निर्वाचित सदस्य सम्मिलित होंगे.

राष्ट्रपति के चुनाव में संसद सदस्यों के साथ-साथ राज्यों की विधान सभाओ के सदस्यों को भी भाग लेने का अधिकार दिया गया है. क्योंकि राष्ट्रपति केन्द्रीय शासन का ही नहीं वरन सम्पूर्ण भारतीय संघ का प्रधान है. पंडित जवाहर लाल नेहरु के शब्दों में राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल में संघीय संसद के साथ साथ राज्यो के विधानमंडल के सदस्यों को सम्मिलित कर इस बात का प्रत्यन किया गया है.कि राष्ट्रपति का निर्वाचन राष्ट्रपति का निर्वाचन दलीय आधार पर न हो 

राष्ट्रपति का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली एवं मतगणना एकल संक्रमणीय मत पद्धति (आयरलैंड के संविधान से)के अनुसार होता है मतदान गुप्त होता है.राष्ट्रपति के चुनाव में विजय प्राप्त करने के लिए एक निश्चित संख्या में मत प्राप्त करने होते है. जिसे निर्वाचित कोटा कहा जाता है.

 

निश्चित कोटा के लिए उपरोक्त सूत्र को अपनाया जाता है.राष्ट्रपति के निर्वाचन में ऐसी विधि अपनाई गई है. कि संसद के निर्वाचित सदस्य की कुल मतसंख्या तथा राज्यों की विधानसभाओ के सदस्यों की कुल मतसंख्या लगभग बराबर है.

मतसंख्या का निर्धारण (Determination of voting Numbers)

राष्ट्रपति के निर्वाचन में निर्वाचक मंडल के प्रत्येक सदस्य मतदाता के मत का मूल्य समान नहीं होता है. निर्वाचक मंडल के सदस्य मतदाता के मतों का मूल्य उस अनुपात में निश्चित किया जाता है. जितनी संख्या का वह प्रतिनिधित्व करता है.विधान सभा और संसद के सदस्यों की मतसंख्या का निर्धारण 02 भिन्न-भिन्न सूत्रों के आधार पर किया जाता है.

राष्ट्रपति का कार्यकाल (Tenure of President)

अनुच्छेद 56 के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यकाल पद धारण करने की तिथि से 5 वर्ष होता है.किन्तु अवधि से पूर्व वह त्यागपत्र देकर पद रिक्त कर सकता है.तथा संसद महाभियोग का प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को उसके पद से हटा सकती है. यदि 5 वर्ष की अवधि से पूर्व राष्ट्रपति त्यागपत्र दे देता है. या संसद द्वारा राष्ट्रपति पर अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग लगाकर पद से हटा दिया जाता है. अथवा राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाती है. तो उसके स्थान पर राष्ट्रपति का चुनाव शेष अवधि के लिए न होकर पुरे 5 वर्ष के लिए होता है.

किसी भी दशा में राष्ट्रपति का पद 6 माह की अवधि से अधिक समय तक खाली नहीं रह सकता है. अर्थात 6 माह के भीतर नये राष्ट्रपति का निर्वाचन होना आवश्यक है.

राष्ट्रपति पद की योग्यताएं (Qualifications of President)

 अनुच्छेद 58 ले अनुसार के तहत राष्ट्रपति का पद धारण करने के लिए निम्नं यौग्यताओ का होना आवश्यक है.

1. वह भारत का नागरिक हो.

2. 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो 

3. लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो.

4. वह संघ व राज्य सरकार के अधीन किसी लाभ के पद पर न हो.

5. वह संसद व राज्यविधान मंडलों के किसी सदन का सदस्य न हो.

यदि कोई व्यक्ति उपरोक्त में से किसी सदन का सदस्य है. तो राष्ट्रपति निर्वाचित हो जाने के बाद उसे उस सदन की सदस्यता से त्याग पत्र देना होगा.

राष्ट्रपति का वेतन (Salary Of President)

राष्ट्रपति द्वारा पारित  विधेयक के अनुसार राष्ट्रपति का मासिकवेतन 1.5 लाख से 5 लाख कर दिया गया है. इस वेतन के अलावा राष्ट्रपति को नि:शुल्क आवास व संसद द्वारा द्वारा स्वीकृत अन्य भत्ते व सुविधाएँ भी प्राप्त है.

 राष्ट्रपति की पेंशन (Pension of president)

 जब राष्ट्रपति अपने कार्यकाल समाप्त कर लेता है. तो उसके बाद राष्ट्रपति को 1.5 लाख रुपए मासिक पेंशन मिलती है.  और राष्ट्रपति की पत्नी को सेक्रेटेरियल के तौर पर 30 हजार रुपये की राशि हर माह मिलती है.इसके साथ ही राष्ट्रपति को एक रेंट फ्री बंगला,एक मोबाइल फ़ोन, दो फ्री लैंडलाइन फोन और आजीवन फ्री इलाज की सुविधा मिलती है. तथा एक साथी के साथ ट्रेन व हवाई यात्रा की फ्री सुविधा मिलती है.

 राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment of the President)

 राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, लेकिन संविधान के आर्टिकल 61 के तहत राष्ट्रपति द्वारा संविधान का उल्लंघन करने पर संसद द्वारा महाभियोग का प्रयोग कर राष्ट्रपति को उसके पद से हटा सकती है. संसद का कोई सा भी सदन महाभियोग का प्रस्ताव ला सकता है. महाभियोग चलाने के लिए प्रस्ताव में अभियोग चलाने वाले सदन की समस्त संख्या के 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर होने की आवश्यकता है.

अभियोगचलाने के लिए 14 दिन बाद अभियोग लगाने वाले सदन में उस पर विचार किया जायेगा. यदि अभियोग का प्रस्ताव सदन की कुल सदस्य संख्या के 2/3 सदस्यों द्वारा स्वीकृत हो जाये तो उसके उपरांत प्रस्ताव दित्तीय सदन में भेज दिया जाता है. दूसरा सदन इन अभियोग की जाँच करेगा.

 रष्ट्रपति के अधिकार (Right of the President)

 राष्ट्रपति के आम आदमी के अलावा भी कुछ अधिकार होते है. राष्ट्रपति को दो तरह के अधिकार प्राप्त होते है.

1. शांतिकालीन अधिकार 

2. संकटकालीन अधिकार

 1. शांतिकालीन अधिकार-- शांतिकालीन अधिकार में राष्ट्रपति को निम्न अधिकार प्राप्त होते है.

 

शांतिकालीन अधिकार

कार्यपालिका का अधिकार

व्यवस्थापिका का अधिकार

वित्तीय अधिकार

न्यायिक अधिकार

राजनैतिक अधिकार

सैन्य अधिकार

प्रशासनिक अधिकार

विदेशी अधिकार

 2.  राष्ट्रपति के संकटकालीन अधिकार

 

संकटकालीन अधिकार

युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह. राष्ट्रीय आपात(अनु. 352)

राज्यों में संवैधानि तंत्र के विफल होने पर. राष्ट्रपति शासन ( अनु. 356)

वित्तीय संकट उत्पन्न आपात (अनु. 360)

 

 राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान (Oath or Affirmation by the President)

 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 60 के अनुसार राष्ट्रपति न्यायालय के मुख्य न्यायधीश के समक्ष अपने पद की शपथ लेता है.

राष्ट्रपति संसद के किसी सदन का सदस्य नहीं होगा. यदि संसद या राज्य विधान मंडल का कोई सदस्य राष्ट्रपति निर्वाचित हो जाता है. तो यह समझा जायेगा कि उसने उस सदन में अपना स्थान राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण की तिथि से रिक्त कर दिया है.

 क्या राष्ट्रपति रबर कि मुहर है.

 यह सही है कि संविधान के अनुसार राष्ट्रपति मंत्रिमंडल की सलाह मानने को बाध्य है. किन्तु इससे यह निष्कर्ष निकाल लेना गलत होगा कि राष्ट्रपति केवल एक रबर कि मुहर है. कई ऐसी स्थितियां है जिनमे राष्ट्रपति को अपने विवेक से ही फैसला लेना होता है. 

1. यदि लोकसभा के चुनाव में किसी एक दल या चुनाव पूर्व गठबंधन को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होता है. तो राष्ट्रपति को अपने विवेक से ही यह निश्चित करना होता है. कि स्थिर व स्वच्छ सरकार देने की दृष्टि से किसका दावा सबसे मजबूत है. 

2. कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है. कि कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री का आकस्मिक निधन हो जाये. तो ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति विभिन्न विकल्पों पर विचार करते हुए, स्वंय ही ऐसे व्यक्ति को सरकार बनाने का आमंत्रण दे सकता है, जो उसकी राय में लोकसभा का विश्वास प्राप्त करने में सक्षम हो. 

3. यदि कोई राष्ट्रपति लोकसभा का विश्वास खो देता है तथा विश्वास मत का सामना करने की बजाय राष्ट्रपति को लोकसभा विघटित करने कि सलाह दे तो, भी राष्ट्रपति को अपने विवेक से निर्णय करना होता है.

4. अनुच्छेद 74(1) में 44 संसोधन के बाद अब राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है. कि वह मंत्रिपरिषद की किसी अनुचित सिफारिश को पुनर्विचार के लिए लोटा सकता है.

 अंतरिम राष्ट्रपति क्या होता है.

 संविधान के अनुच्छेद-52 में उपबंध है कि भारत का एक राष्ट्रपति होगा. भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और पहले आम चुनाव 1951-52 में हुए. यह सुनिश्चित करने के लिए मध्यवर्ती अवधि के दौरान राष्ट्रपति का पद रिक्त न रहे.

संविधान के अनु. 380 में एक संक्रमण-कालीन उपबंध किया गया. जिसके द्वारा यह व्यवस्था की गई कि डोमिनियन ऑफ़ इंडिया की संविधान सभा उस समय तक के लिए भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन करेगी.जब तक संविधान के उपबंधो के अनुसार राष्ट्रपतिका निर्वाचन नहीं हो जाता है. 

संविधान सभा ने 24जनवरी 1950 को अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को सर्वसम्मति से भारत के आन्तरिक राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित किया. वह 26 जनवरी 1950 को इस पद पर आसीन हुए. तथा भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन और 13 मई 1952 को पदभार ग्रहण करने तक वह इस पद पर बने रहे.

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भारत के राष्ट्रपति का वेतन कितना होता है. भारत के राष्ट्रपति का वेतन कितना होता है. Reviewed by Teck Qureshi on जुलाई 02, 2021 Rating: 5

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